संरक्षित खेती

Theme

Agriculture and Food Security

Climate Resilience

Type

Course

Languages

Course Description

संरक्षित खेती मुख्य तीन सिद्धांत जिसमे जमीन की कम से कम जुताई, मल्च कवर या फसलों से मिट्टी का स्थायी ढकाव और फसल चक्र मे विविधता पर आधारित है । इस पद्धति को अपनाने से किसानो की फसल और आय मे वृद्धधी के साथ साथ मिट्टी और जमीन मे सुधार आता है, प्रकृति भी सुरक्षित रहती है और वर्तमान जलवायु परिवर्तन की समस्या को भी सुधार लाया जा सकता है ।
AKRSP-I द्वारा तैयार किया गया “संरक्षित खेती” Blended Learning कोर्स कृषि मे किसानो हो रही समस्याओ को किस तरह संरक्षित खेती के द्वारा काफी हद तक कम किया जा सकता है यह दर्शाता है । यह कोर्स संरक्षित खेती के तीन मुख्य सिद्धान्त और हर एक सिद्धान्त के महत्व को उजागर करता है । इस कोर्स के द्वारा जीन जीन किसानो ने अपने खेत मे संरक्षित खेती को अपना कर उसका पालन किया है उनके अनुभवो को भी दर्शाया गया है ताकि दूसरे किसान उन्हे देख कर समजे और खुद भी इस पद्धति को अपनाए ।

Conservation Agriculture is based on three major principles: minimum soil disturbance, permanent soil cover with living or dead plant material, and crop diversification through rotation or intercropping.

The Conservation Agriculture approach helps farmers to maintain and boost yields and increase profits, while reversing land degradation, protecting the environment and responding to the growing challenges posed by climate change.

This blended learning course on Conservation Agriculture produced by the Aga Khan Rural Support Programme India (AKRSP-I), highlights major challenges faced by farmers and explains the ways in which Conservation Agriculture addresses these issues. It also talks about the three major principles of Conservation Agriculture and highlights the benefits of each. The course also shares the experiences of farmers who have already adopted Conservation Agriculture practices on their farmland and experienced improvements in both their soil and their crops.

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